19 जुलाई 2012

कुछ रंगबिरंगे चुटकुले

पठान रोटी का एक टुकड़ा खुद और एक मुर्गी को खिला रहा था!
दोस्त: यह क्या कर रहे हो?
पठान: हम खानदानी अमीर लोग हैं! रोज़ चिक्केन के साथ रोटी खाते हैं!


मास्टर:बताओ "आई लव यू" का आविष्कार किस देश मे हुआ?
पप्पू: चाईना में!
मास्टर: वो कैसे?
पप्पू: इसमें सारे चाईनीज़ गुण है! न कोई गारंटी और न कोई वारंटी, चले तो चाँद तक न चले तो शाम तक!


एक बार प्रीतो और संता की टीम बस में 'अन्ताक्छरी' खेल रहे थे!
प्रीतो: हम तुम्हें हरा के दिखायेंगे!
संता: लो, हम हार गए; चलो अब दिखाओ!


जीतो: क्यों जी, रोज़ सुबह मेरे चेहरे पे पानी क्यों डालते हो?
संता: ओए, तेरे बाप ने ही तो कहा था कि मेरी बेटी 'फूल' की तरहें है, इसे मुरझानें मत देना!


पठान के घर शादी के बीस साल बाद बच्चा हुआ और पठान उदास हो गया! पड़ोसी ने पूछा, "यार तू उदास क्यों है?" पठान अपना थोबरा लटका के बोला, " बीस साल बाद बच्चा हुआ और वो भी छोटा सा!"


जीतो मस्ती के मुड़ में, "जानू, एक पप्पी चाहिए!" संता झट से बोला, "उफ़, फैशन देखो घर में खाने को पैसे नही हैं और इस को कुत्ते का पिल्ला चाहिए!"


एक बार जब पप्पू लगातार 4 दिनों से स्कूल में देर से आया तो मैडम ने कहा, "तुम इतना लेट, स्कूल क्यों आते हो?"
पप्पू: मैडम, आप मेरी इतनी चिंता मत किया करें; बच्चे इसका गलत मतलब लेते हैं!


पठान ने कॉल करने ने लिए फोन मिलाया तो आवाज़ आई: "इस कॉल के लिए आप का बैलेंस पर्यापत नही है!"
पठान: कोई बात नहीं मेरी जान, तुमसे बात हो जाती है, बस इतना ही काफी है!


मैडम ने एक बार क्लास में बच्चो को "माई टीचर" पर 10 लाइन लिखने को कहा! थोड़ी देर बाद पप्पू ने मैडम को पुछा, "मैडम, 'मस्त आइटम' को इंग्लिश में क्या कहते हैं?"


संता: परसों मेरी बीवी कुएँ में गिर गई! उसे बहुत चोटे लगी और वो बहुत चिल्ला रही थी!
बंता: अब कैसी है वो?
संता: अब तो वो ठीक ही होगी क्योंकि कल से कुएँ से कोई आवाज़ नहीं आई!


एक मुर्गी मार्केट गई और दुकानदार से बोली, "एक अंडा देना!" दुकानदार बोला, "शर्म नहीं आती, मुर्गी होकर अंडा माँगती हो!" मुर्गी बोली, "मेरे पति ने कहा है क़ि 4 रूपये के अंडे के लिए, अपना फिगर मत ख़राब करो!


पठान ने दरियाँ में डूबते हुए एक बच्चे को बचा लिया और थोड़ी देर बाद दुबारा दरियाँ मे फ़ेंक दिया! एक राहगीर ने कारन पूछा तो पठान बोला के पुरानी कहावत है, "नेकी कर दरियाँ मे डाल!"


बंता: लव और 'आरेंज मैरिज' में क्या अंतर है!
संता: 'लव मैरिज' में आप अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करते है और 'आरेंज मैरिज' में दुसरे की गर्लफ्रेंड से!


कॉलेज के पहले दिन, संता एक लड़की से, "तुम्हारा नाम क्या है?"
लड़की: मुझे सब, दीदी कहते हैं!
संता: क्या बात है, मुझे सब जीजा जी कहते हैं!


माँ: तुझे लड़का पसंद आया हो तो बात आगे चलायें?
लड़की: माँ, लड़का तो ठीक है पर मोटा है!
माँ: टी.वी. चाहे 14" इंच का हो या 42" इंच का, रिमोट तो 6" इंच का ही होता है!


जीतो: एक बात बताऊँ, मारोगे तो नहीं?
संता: नहीं, बताओ क्या बात है?
जीतो: मैं माँ बनने वाली हूँ!
संता: ये तो अच्छी खबर है! तुमने ऐसा क्यों सोचा कि यह बात सुनकर मैं तुम्हें मारूंगा?
जीतो: दरअसल, कॉलेज के दिनों में एक बार यही बात पापा को बताई थी, तब उन्होंने बहुत मारा था!


एक बार आलू की शादी पत्ते वाली गोभी से हो गई! "सुहाग रात" के दुसरे दिन आलु थक्कर बहार आया! उसके दोस्तों ने पूछा, "कैसी रही सुहागरात?" तो आलू ने कहा, "मत पूंछ यार! घुंघट उठाते-उठाते सुबह हो गई!"


एक बार पठान सड़क पे पेशाब कर रहा था! पुलिस वाले ने उसे पकड़ा और बोला, "ये गैर क़ानूनी है!"
पठान हैरानी से, ` ये क्या बोलते हो तुम, गैर का नूनी? ये बचपन से हमारा अपना नूनी है!"


प्रेगनेन्ट लड़की से डॉक्टर ने पूछा, "ये कब और कैसे हुआ?" लड़की ने डरते हुए कहा, "जब मेरे माता पिता फिल्म देखने गए थे तब मेरा फ्रेंड घर आया और उसने किया!` डॉक्टर ने पूछा, "पर तुम उनके साथ फ़िल्म देखने क्यों नहीं गयी?" लड़की शरमाते हुए बोली, "क्योंक़ि वो अडल्ट मूवी थी!"


एक पठान का निकाह हो रहा था! उसके दोस्तों ने दुल्हन की जगह एक लड़के को बिठा दिया! पठान रूम में गया और जैसे ही घूंघट उठाया तो लड़की की जगह लड़का बैठा पाया! पठान खुश हो के बोला, "इंसान का नियत साफ़ हो तो क्या नहीं मिलता!"



28 अप्रैल 2012

जिंदगी का एक और पहलु



एक ये ख्वाहिश कि कोई ज़ख़्म ना देखे दिल का...
एक ये हसरत की कोई देखने वाला होता ....


और क्या इससे जयादा नरमी बरतें...
अपने ज़ख्मो भी छुआ है तेरे गालों की तरह...

किस किस गली में मेरा मज़ार नहीं जहाँ हुस्न देखा वहीँ मर गया...

चेहरा बता रहा है मरा है भूक से 
और लोग कह रहे हैं की कुछ खा कर मरा है ....

मुझे लिख केर कहीं महफूज़ कर लो ..
तुम्हारी बातों से निकलता जा रहा हूँ मैं ..

ये भूल है उसकी की आगाज़ ए गुफ्तगू हम करेंगे 
हम तो खुद से भी रूठ जायें तो सदियों खामोश रहते हैं ...

जहाँ तक के खुला आस्मां बाकी है, मैं जानता हूँ मेरी उड़ान बाकी है.. 
नया सफ़र तो अभी शुरू किया है मगर; हासिल जो करने है, कई मुकाम बाकी है...

बड़ी तब्दीलियाँ लायें हैं अपने आप में लेकिन;
तुम्हे बस याद करने की, वो आदत अभी बाकी है...

किसी से जुदा होना इतना आसान होता फ़राज़
तो जिस्म से रूह को लेने फ़रिश्ते नहीं आते...

रहता हूँ मयखाने में तो शराबी न समझ मुझे...
हर वो शक्श जो मस्जिद से निकले नमाज़ी नहीं होता ...

अब उसे रोज़ ना सोचूं तो बदन टूटता है,
इक उम्र हो गयी है उसकी याद का नशा करते करते..

फ़क़त ख्वाबो से ही नहीं मिलता सुकून सोने का..,,
किसी की याद में रात भर जागने का भी अपना मज़ा है ..

उसकी मासूमियत मैं इतना असर था ..
खरीद ली उसने एक हे मुलाक़ात मैं जिंदगी हमारी ...

लिखना तो था के खुश हूँ , तेरे बग़ैर भी ...
आंसू मगर कलम से पहले ही गिर गए ...

मुझे अपनी ज़रुरत पढ़ गयी है ..
मुझे कहीं से ढूँढ लो तुम .....

बदनाम करते हैं लोग हमे शहर मैं जिन के नाम से ..
कसम उस शक्श की उसे कभी जी भर के देखा भी नहीं ..

उसे था यकीन की मैं उसके लिए जान न दे पाऊंगा ..
और मुझे था खौफ की वो रोएगी मुझे आजमाने के बाद ...

उसको चाहा तो मोहब्बत कि समझ आई ,
वरना इस लफ्ज़ कि सिर्फ तारीफ ही सुना करते थे : )

तुम हकीकत को या फरेब मेरी आँखों का ..
न दिल से निकलते हो न जिंदगी मैं आते हो ...

लोग तो खोटे सिक्के तक तो आजमाते हैं दोस्त..
फिर तेरी मेरी कीमत लगे तो गलत क्या होगा ..

यूँ न खींच अपनी तरफ मुझे बेबस करके ...
की खुद से भी बिछड़ जाऊं और तू भी न मिले ..

तन्हाई तो है साथी अपनी जिंदगी कर हेर एक पल की ..
चलो ये शिकवा भी दूर हुआ की किसी ने साथ नहीं दिया ..

एहसास बदल जाता है और कुछ नहीं ..
वर्ना मोहब्बत और नफरत एक ही दिल करता है ..

न जाने कितने टुकड़ों मैं बंट गया है वजूद ..
तुझे भुला भी दिया और बेक़रार भी हूँ ..


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